नोटेचे अभंग! (ढिंग टांग)

ब्रिटिश नंदी
गुरुवार, 10 नोव्हेंबर 2016

बरे केले देवा। नाही केले गोते।
होत्याचे नव्हते। असते झाले।।

बरे तरी आम्ही। ऐसे चाकरमानी।
बांधील इमानी। पगाराशी।।

आम्हा घरी धन। चिल्लर थोडकी।
बाकीची कडकी। बारमाही।।

कधीमधी दिसे। पाचशेची नोट।
नशिबात खोट। कायमची।।

कुणाला ठाऊक। हजाराचे काय।
फाटक्‍यात पाय। सदैव हो।।

कोठुनिया आणू। नोटांची पुडकी।
नुरे गा दीडकी। खिशामाजी।।

नाही गा जाहलो। धनवंत धेंड।
आम्हां मंथएंड। पाचवीला।।

राब राबतो गा। देह झिजवाया।
तेव्हा दिसे माया। एकदाचि।।

नसेल आमुच्या। खिशामाजी पैका।
दारिद्य्राचा ऐका। पवाडा हो।।

बरे केले देवा। नाही केले गोते।
होत्याचे नव्हते। असते झाले।।

बरे तरी आम्ही। ऐसे चाकरमानी।
बांधील इमानी। पगाराशी।।

आम्हा घरी धन। चिल्लर थोडकी।
बाकीची कडकी। बारमाही।।

कधीमधी दिसे। पाचशेची नोट।
नशिबात खोट। कायमची।।

कुणाला ठाऊक। हजाराचे काय।
फाटक्‍यात पाय। सदैव हो।।

कोठुनिया आणू। नोटांची पुडकी।
नुरे गा दीडकी। खिशामाजी।।

नाही गा जाहलो। धनवंत धेंड।
आम्हां मंथएंड। पाचवीला।।

राब राबतो गा। देह झिजवाया।
तेव्हा दिसे माया। एकदाचि।।

नसेल आमुच्या। खिशामाजी पैका।
दारिद्य्राचा ऐका। पवाडा हो।।

आमुच्या झोळीला। भोके गा सहस्र।
फाटलेले वस्त्र। नको तेथे।।

उभा विटेवरी। विठू निरंतर।
आम्हा महिनाखेर। कोण भेटे?।।

मानेवरी खडा। करू खर्डेघाशी।
तरी शिंके माशी। कुठेतरी।।

अच्छे दिन येता। पाऊस आला मोठा।
पैसा झाला खोटा। रातोरात।।

बरे झाले देवा। संपली दिवाळी।
आता आली पाळी। शिमग्याची।।

पुडक्‍यांना कोणी। मारोनिया पिना।
रचुनिया धना। दडविती।।

कुणा घरी देवा। लक्ष्मी भरे ब्यागा।
समृद्धीच्या बागा। फुललेल्या।।

कार्डफार्ड नको । येथे फक्‍त क्‍याश।
पैसा विनापाश। स्वीकारितो।।

कार्ड, चेक, ड्राफ्ट। कागदी कपटे।
आम्हासी ना पटे। काही केल्या।।

आहे खरा खरा। एक तोचि धर्म।
त्याचे मर्मबिर्म। जाणोनि घ्या।।

जोवर आहे पैसा। तोवरीच बैसा।
विठुराया तैसा। उभाचि आहे!।।

ज्याच्याकडे नाही। कवडी फुटकी।
त्याला गा पटकी। येऊ देगा।।

नोटेसाठी आहे। सारी यातायात।
हीच मन की बात। ऐकावी बा।।

कार्डाचिया बळे। खरिदतो मॉल।
भरितो पेट्रोल। गाडीमध्ये।।

ह्यांच्या घरी खच्च। खोकी नि कपाटे।
आमुच्या धपाटे। पाठीवर।।

नोटेचे पुस्तक। पुस्तकांची खोकी।
त्याची तिन्ही लोकी। कपाटे हो।।

कपाटे नि गोणी। कोटी कोटी माया।
बाकी सारे वाया। व्यर्थ आहे।।

आमुचे लाइफ। याहुनि वेगळे।
क्‍याशलेस बळे। राहोनिया।।

जीर्ण गुंडाळीला। रबरचि बांधी।
पुर्चुंडीभर "गांधी'। तेवढाचि।।

सोने आणि माती। आम्हा समान हे चित्ती।
तैसी हरी पत्ती। पाचोळा हो।।

देवा आता तरी। दाखवा प्रचीती।
दोन हजाराची। नोट दावा।।

हजाराची नोट। करोनिया फ्रेम।
तिला नित्यनेम। पूजिन मी।।

संपादकिय

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