ढिंग टांग :  आकांताचे अभंग

ब्रिटिश नंदी
सोमवार, 25 नोव्हेंबर 2019

काय याला म्हणू। आम्ही लोकशाही।
काहीचिया बाही। झाले झाले।।

आम्ही दिला होता। स्पष्ट जनादेश।
त्याचा लवलेश। नाही नाही।।

का न भगवंता । दाविसी प्रचीती।
भ्रष्ट झाली मती। मेलो मेलो।।

निघालो गाठाया। देवाची आळंदी।
चोराची आळंदी। आली आली।।

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काय याला म्हणू। आम्ही लोकशाही।
काहीचिया बाही। झाले झाले।।

आम्ही दिला होता। स्पष्ट जनादेश।
त्याचा लवलेश। नाही नाही।।

प्रचारात सारे। भिडले उराउरी।
उठले जिवावरी। मग मग।।

कालचा जो मित्र। आजचा गनिम।
कालचा मुनीम। धनी धनी।।

 मित्राचा जो शत्रू। तोचि खरा मैतर।
 मॅजिक फिगर। सत्य सत्य।।

कालच्या फुलांचे। आज हो निर्माल्य।
हेच एक शल्य। मनी मनी।।

कुठे लोकशाही। कैसे लोकतंत्र।
सत्तेचा गा मंत्र। खरा खरा।।

 मतदार गेले। गेले बा उडत।
 हुडुत हडत। करा करा।।

होता इलेक्‍शन। आम्हा कोण पुसे।
लोकशाही हसे। होते होते।।

हीच वहीवाट। आहे भगवंता।
लोकशाही गाथा। हीच हीच।।

लोकांचे सरकार। चालविती लोक।
त्याची नोकझोक। दिव्य दिव्य।।

कितीयेक पक्ष। कितीयेक नेते।
कितीयेक गोते। खावे खावे।।

पाहोनी तमाशा। पडले टक्‍कल।
थांबली अक्‍कल। घडी घडी।।

राजकारणाचा। केवढा चिखल।
आम्ही गा विकल। आत आत।।

कुठल्या पक्षाचा। कोण आमदार।
कोण दावेदार। आहे आहे।।

वांकू त्या चरणी। दिसती गा खूर।
लाजूनिया चूर। आम्ही आम्ही।।

गाढवाचे मागे। लागलो पळाया।
ब्रह्मचर्य वाया। गेले गेले।।

नवे सरकार। देईल तत्पर।
न्याय गा सत्वर। भरा भरा।

 म्हणोनिया आम्ही। केले मतदान।
विसरुनी भान। गेलो गेलो।।

नको नको देवा। ऐसे सरकार।
जेथे मतदार। बुळा बुळा।।

नको बाबा ऐसे। दिव्य लोकतंत्र।
जेथे खुर्चीमंत्र। मोठा मोठा।।

लोकशाहीमाते। आणिली गा लाज।
नंदी म्हणे आज। रडा रडा।।


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Web Title: Dhing Tang Article