ढिंग टांग : बॉलिवूड वहीं बनाएंगे!

ब्रिटिश नंदी
Friday, 4 December 2020

परमप्रिय मित्र श्रीमान उधोजीसाहेब, सतप्रतिसत प्रणाम. बिनंती बिसेस. अस्तु.
आपकी बिसाल (विशाल) नगरी मुंबई में दो दिन गुजारकर हम नखलऊ (लखनौ) लौट आये है. यहां पर सब कुछ क्‍सेमकुसल (क्षेमकुशल) है. आपसे वार्तालाप का लाभ न हो सका, इसका मन में बहुत दुख है. मुंबई में मैं जिस पांच सितारा आश्रम में ठहरा था, वहां से आपका बांदरा का मातोसरी अखाडा कुछ दूरीपर है, ऐसा मुझे बताया गया.

परमप्रिय मित्र श्रीमान उधोजीसाहेब, सतप्रतिसत प्रणाम. बिनंती बिसेस. अस्तु. आपकी बिसाल (विशाल) नगरी मुंबई में दो दिन गुजारकर हम नखलऊ (लखनौ) लौट आये है. यहां पर सब कुछ क्‍सेमकुसल (क्षेमकुशल) है. आपसे वार्तालाप का लाभ न हो सका, इसका मन में बहुत दुख है. मुंबई में मैं जिस पांच सितारा आश्रम में ठहरा था, वहां से आपका बांदरा का मातोसरी अखाडा कुछ दूरीपर है, ऐसा मुझे बताया गया. किंतु वहां जाना अब सुरक्‍सा हेतु ठीक न रहेगा, ऐसा भी मुझे बताया गया! अतएव आपके सुभदर्शन के लाभ से मैं वंचित रहा!

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हम बॉलिवूड चुराने के हेतु मुंबई में डाका डालने आ गये हैं, ऐसा अपप्रचार सुरु हुआ है, यह जानकर हृदय आहत हुआ. बॉलिवूड यह कोई पर्स नहीं है की कोई उठाकर ले जाए. हम हमारे यहां फिल्म सिटी की अस्थापना करने हेतु अभ्यास के लिए मुंबई आये थे. हमें बॉलिवूड चुराना नहीं है, बल्की उसका बिस्तार करना है.

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हमारे बिसाल एवं समृद्ध उत्तर प्रदेस में चित्रीकरण हेतु, नदिया, झरने, पहाड, जंगल, फूल, आदी फिल्मों के लिए आवश्‍यक सभी सामग्री थोक भाव में उपलब्ध कराई जायेगी. इससे बॉलिवूड के लोगों को भी बहुत सुविधा होगी. हमारे यहाँ चित्रित फिल्म को उत्तर प्रदेस के खेत्र में ऐंटरटैनमैंट टैक्‍स में सहुलियत देने का बिचार है. सिकुरिटी गार्डों की कमी न खलेगी, ऐसा लगता है. बॉलिवूड की एक साखा (ब्रांच) उत्तर प्रदेस में स्थापित होगी, तो वह बहुत बिख्यात होगी. श्रीखेत्र काशी भी हमारे यहां है, बॉलिवूड की काशी भी हम यहीं बनाएंगे! 
फिल्म जगत के कलाकारोंका तांता आपके मातोसरी अखाडे में लगा रहता है. वैसाही कुछ मेरे यहां भी भविष्य में होगा, ऐसा मेरा एक पुराना स्वप्न है! इस सिलसिले में आपका मार्गदर्सन चाहिए. 
आपका सदैव ऋणी मित्र. एक योगी.
ता. क. : आज कल आप अजुध्या (अयोध्या) में सरयुस्नान एवंड प्रभु सियाराम के दर्सन के लिए आते नहीं? ऐसा क्‍यों? भूल गये? ऐसा न करें. जरुर आईए. योगी.

मा. योगीजी, जय महाराष्ट्र. आपले शुध्द तुपातले पत्र मिळाले. मजकूर ओशट वाटला. मातोश्री हे आमचे निवासस्थान आहे, आखाडा नव्हे! बॉलिवूड ही पर्स नाही, हे तुम्हाला कळले ते बरे झाले! आमच्या मुंबईत पाकिटमारांची हालत पब्लिक फार बेकार करते. असो.
उत्तर प्रदेशात फिल्म सिटी उभी करताय, हे ठीकच. पण एकंदरित तुम्हालाच ‘स्टारडम’ हवाहवासा वाटू लागल्याचे दिसते आहे. शुभेच्छा. 
बाकी काय लिहिणे? एकच महत्त्वाचा सल्ला : वारंवार हात धुवा, मास्क लावा आणि दोन हात दूर रहा!! 
कळावे. आपला. उधोजी.
ता. क. : अयोध्येला आम्ही यायचं की नाही, हे प्रभु रामचंद्र (आणि आमचे संपादक-सहकारी मा. राऊतसाहेब) ठरवतील. तुम्ही त्याची चिंता सोडा. (हे टोमणे आम्हाला कळतात बरं!!) उ. ठा.

Edited By - Prashant Patil


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Web Title: editorial article on dhing tang